अपनी पार्टी से एमएलसी बनने पर अड़े
पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर नई अटकलें तेज हो गईं. चर्चाओं के अनुसार लालू और राबड़ी देवी तेजप्रताप यादव को विधान परिषद भेजना चाहती हैं, लेकिन तेजप्रताप ने राजद के इस ऑफर को यह कहकर ठुकरा दिया है कि वह अगर विधान परिषद में जाते भी हैं तो अपनी पार्टी जजद के टिकट पर जाएंगे. राजद के टिकट पर नहीं. ऐसे में तेजस्वी यादव के समक्ष मुश्किल खड़ी हो गई है.
सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यह नहीं चाहते हैं कि राजद की एकमात्र सीट किसी अलग पहचान की सियासी का जरिया बने. तेजस्वी का मानना है कि परिवार के सदस्य को राजद की आधिकारिक लाइन से अलग राजनीतिक संदेश नहीं देना चाहिए. बता दें बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर होने वाले चुनाव होना है. जबकि एक सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है. दरअसल 243 सदस्यीय विधानसभा में एक विधान परिषद सीट जीतने के लिए 25 वोट जरूरी है. महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जिनमें राजद, कांग्रेस, वाम दल और अन्य सहयोगी शामिल हैं. ऐसे में गठबंधन एक सीट निकाल सकता है. इधर, लालू स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर जाने वाले हैं. वहां वे बेटी रोहिणी आचार्य से भी मुलाकात करेंगे.
